10 Hindi Sad Shayari – 10 हिंदी सैड शायरी

 

हर शिकायतें मिट जाएंगी तुम यहाँ आओगे क्या ?

बस थोड़ी देर ही सही तुम ठेहर जाओगे क्या ?

हम सारी गलतियों को भुला देंगे यहाँ,

बस थोड़ी देर ही सही एक दफा अपने अभिमान को भुलाकर हमसे बात करने आओगी क्या ?

हम फिर तुम्हरा इंतजार करेंगे उसी मोड़ पर,

अपनी झलक दिखाने उसी रास्ते से गुजरोगी क्या ?

मंदिर कि सीढ़ी पर फिर खड़े रहेंगे,

हाथों मै हाथ मिलाने के बहाने प्रसाद देने आओगी क्या ?

हम फिर एक चुप्पी के साथ, हलकी सी हसी के साथ तुम्हारा येह प्यारा चेहरा देखते रहेंगे, 

तुम अपने अनगिनत किस्से सुनाने मुझसे मिलने आओगी क्या ?

 

“वक्त तो लगेगा ना”

यहाँ उजाला बहूत है, येह खिड़कियाँ, येह खंडर, येह कस्बा

मै जनता हूँ यहाँ रौशनी तो बहुत है, मै इस सन्नाटे, अँधेरे मै हूँ 

अब खुले आसमान के निचे आने मै वक्त तो लगेगा ना।  

वोह बिछड़ गए हमे बिना याद किये 

अब उनकी पुरानी यादें भुलाने मै वक्त तो लगेगा ना।

हजारों चक्कर लगाए उनकी गली के, बस इक झलक के लिये 

रास्ते बदलने मै वक्त तो लगेगा ना।

लापता थे हम इश्क के नशे मै, नशा तोड़ने मै वक्त तो लगेगा ना।  

घर बहुत दूर है वापस आने मै वक्त तो लगेगा ना।

हस लेते हैं थोड़ा दुनिया के सामने

मगर रोते हैं बंद कमरे मैं खुदा के सामने 

लोगों को समझाने मै वक्त तो लगेगा ना।

क्या येह प्यार था या थी मेरी नादानी, खुद को समझाने मै अब वक्त तो लगेगा ना।

 

खामोश हैं आज हैं जैसे इस समन्दर की तरह 

कभी ऊपर भी आये थे इन लहरों की तरह। 

खामोश हैं आज इन बारिशों की बूंदो की तरह

कभी आवाज़ आती थी हमारी, जैसे छत पे गिरते ओलो की तरह।  

खामोश हैं आज पूरी शराब की बोतल की तरह 

कभी था एक समय जब पूरी बोतल पीने के बाद,

यार कहा करते थे चुप कराओ शायर को किसी तरह।

खामोश हैं आज हम इस जिंदगी की लड़ाई मै हारे हुए सिपाही की तरह 

कभी इन ढोल बाजे के शोर मै नाचा करते थे ४ साल के बच्चे की तरह।

 

की अब मत कहना कुछ हमसे वरना येह आँसू निकल जायेंगे, 

तुम पूछोगे इनकी वजह हम सच ना कह पाएंगे।

 

दर्द की गहराइयों मैं खोया मुसाफिर हूँ।

आँखों में आँसू छुपाकर हँसता हूँ,

दिल की बातें दिल मै ही रखता हूँ,

अपने जीवन के सफर मैं हारा मुसाफिर हूँ।

 

कभी शराब मै उडाया, तोह कभी यारों मै उडाया

अब लोगों के साथ नही

सिर्फ यादों नै सुकून मिलाया

मेरा हर अपना मुझसे दूर गया 

अब लोगों नै नही सिर्फ उनकी यादों ने मुझे गले लगाया।

 

ख्वाबों के पर्दे में जब टूटता हूँ,

मै दर्द के साथ अकेला रोता हूँ।

इस जीवन की राहों में खो गया हूँ,

खुद को हार कर खुदा से लड़ता हूँ।

 

जीने की वजह वही बनते हैं 

जो जीना सिखाते हैं। … 

साथ ना रहकर भी अपनाते हैं 

भीड़ मै दूर से पहचान जाते हैं 

दुनिया से आपके लिए लड़ जाते हैं 

जो आपकी हर बात मै आपसे हार जाते हैं 

जीने की वजह अक्सर वही बन जाते हैं।

 

जोड़ – जोड़ के शब्दों की माला मैं मेने तुझे बसाया 

अफसोस इस बात का है,

के मेरे अलावा मेरी कविता मै तुझे कोई और नजर आया।

 

दिल मै है उसके लिए प्यार आज भी

उसकी मधुर आवाज़ सुनने की चाह है आज भी।  

कभी बोहोत करीब आये वोह मेरे धड़कन के

मेरी साँसों मै उसकी महक है आज भी।

 

 

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